Classy Study Point
# पीएम केयर्स फंड ट्रस्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सरकार द्वारा संचालित कोविड अस्पतालों को 50 हजार स्वदेशी वेंटिलेटरों की आपूर्ति के लिए 2 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.
भारत में निर्मित इन 50 हजार वेंटिलेटरों में से 30 हजार वेंटिलेटरों का निर्माण भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा, जबकि शेष 20 हजार का निर्माण अग वा हेल्थकेयर (10 हजार), AMTZ हाई एंड (4 हजार), AMTZ बेसिक (5650 और एलाइड मेडिकल) (350) द्वारा किया जाएगा.
✍️मुख्य विशेषताएं
• अब तक, 2923 वेंटिलेटर निर्मित किए गए हैं और 1340 वेंटिलेटर पहले ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वितरित किए जा चुके हैं.
• मुख्य प्राप्तकर्ता राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में महाराष्ट्र (275), दिल्ली (275), गुजरात (175), बिहार (100), कर्नाटक (90) और राजस्थान (75) शामिल हैं.
• जून, 2020 के अंत तक लगभग 14 हजार अतिरिक्त वेंटिलेटर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वितरित किए जाएंगे.
• इन राज्यों में सरकारी कोविड अस्पतालों को ये वेंटिलेटर प्रदान किए जाएंगे ताकि गंभीर कोविड -19 रोगियों का बेहतर उपचार किया जा सके.
✍️प्रवासी कल्याण के लिए 1000 करोड़ रुपये जारी
• प्रवासी मजदूरों के कल्याण के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 01 हजार करोड़ रुपये की राशि भी जारी की गई है.
• वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या के लिए 50 प्रतिशत वेटेज, सकारात्मक कोविड -19 मामलों की संख्या के लिए 40 प्रतिशत वेटेज और सभी राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों के बीच समान वितरण के लिए 10 प्रतिशत के फॉर्मूले के आधार पर इस फंड का वितरण किया गया है.
• इस फंड का उपयोग प्रवासियों के आवास, भोजन, चिकित्सा उपचार और परिवहन की व्यवस्था के लिए किया जाना है.
• कुल राशि में से महाराष्ट्र को 181 करोड़ रुपये जारी किए गए, उत्तर प्रदेश को 103 करोड़ रुपये जारी किए गए, तमिलनाडु को 83 करोड़ रुपये, गुजरात को 66 करोड़ रुपये, दिल्ली को 55 करोड़ रुपये, पश्चिम बंगाल को 53 करोड़ रुपये, बिहार को 51 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 50 करोड़ रुपये, राजस्थान को 50 करोड़ रुपये और कर्नाटक को 34 करोड़ रुपये दिए गए.
✍️पीएम केयर्स फंड
कोविड -19 महामारी से निपटने के लिए पीएम केयर्स फंड (प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन स्थिति में राहत निधि) की स्थापना 28 मार्च, 2020 को की गई थी. कोरोना वायरस के प्रकोप से उत्पन्न किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति या संकट से निपटने और इस महामारी से प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के मुख्य उद्देश्य से यह समर्पित राष्ट्रीय कोष बनाया गया था.
यह कोष मुख्य रूप से किसी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल या किसी अन्य प्रकार की आपात स्थिति, या मानव निर्मित या प्राकृतिक आपदा से संबंधित किसी भी प्रकार की राहत या सहायता प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया था, जिसमें स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण या उन्नयन, अन्य आवश्यक बुनियादी सेवाएं, प्रासंगिक अनुसंधान और धन की व्यवस्था या किसी भी अन्य प्रकार की सहायता करना भी शामिल है.
इस कोष की स्थापना कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ रोकथाम और राहत प्रदान करने के प्रयासों के लिए वित्तीय सहायता या धनराशि प्रदान करने के लिए भी की गई थी.
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# पीएम केयर्स फंड ट्रस्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सरकार द्वारा संचालित कोविड अस्पतालों को 50 हजार स्वदेशी वेंटिलेटरों की आपूर्ति के लिए 2 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.
भारत में निर्मित इन 50 हजार वेंटिलेटरों में से 30 हजार वेंटिलेटरों का निर्माण भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा, जबकि शेष 20 हजार का निर्माण अग वा हेल्थकेयर (10 हजार), AMTZ हाई एंड (4 हजार), AMTZ बेसिक (5650 और एलाइड मेडिकल) (350) द्वारा किया जाएगा.
✍️मुख्य विशेषताएं
• अब तक, 2923 वेंटिलेटर निर्मित किए गए हैं और 1340 वेंटिलेटर पहले ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वितरित किए जा चुके हैं.
• मुख्य प्राप्तकर्ता राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में महाराष्ट्र (275), दिल्ली (275), गुजरात (175), बिहार (100), कर्नाटक (90) और राजस्थान (75) शामिल हैं.
• जून, 2020 के अंत तक लगभग 14 हजार अतिरिक्त वेंटिलेटर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वितरित किए जाएंगे.
• इन राज्यों में सरकारी कोविड अस्पतालों को ये वेंटिलेटर प्रदान किए जाएंगे ताकि गंभीर कोविड -19 रोगियों का बेहतर उपचार किया जा सके.
✍️प्रवासी कल्याण के लिए 1000 करोड़ रुपये जारी
• प्रवासी मजदूरों के कल्याण के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 01 हजार करोड़ रुपये की राशि भी जारी की गई है.
• वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या के लिए 50 प्रतिशत वेटेज, सकारात्मक कोविड -19 मामलों की संख्या के लिए 40 प्रतिशत वेटेज और सभी राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों के बीच समान वितरण के लिए 10 प्रतिशत के फॉर्मूले के आधार पर इस फंड का वितरण किया गया है.
• इस फंड का उपयोग प्रवासियों के आवास, भोजन, चिकित्सा उपचार और परिवहन की व्यवस्था के लिए किया जाना है.
• कुल राशि में से महाराष्ट्र को 181 करोड़ रुपये जारी किए गए, उत्तर प्रदेश को 103 करोड़ रुपये जारी किए गए, तमिलनाडु को 83 करोड़ रुपये, गुजरात को 66 करोड़ रुपये, दिल्ली को 55 करोड़ रुपये, पश्चिम बंगाल को 53 करोड़ रुपये, बिहार को 51 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 50 करोड़ रुपये, राजस्थान को 50 करोड़ रुपये और कर्नाटक को 34 करोड़ रुपये दिए गए.
✍️पीएम केयर्स फंड
कोविड -19 महामारी से निपटने के लिए पीएम केयर्स फंड (प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन स्थिति में राहत निधि) की स्थापना 28 मार्च, 2020 को की गई थी. कोरोना वायरस के प्रकोप से उत्पन्न किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति या संकट से निपटने और इस महामारी से प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के मुख्य उद्देश्य से यह समर्पित राष्ट्रीय कोष बनाया गया था.
यह कोष मुख्य रूप से किसी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल या किसी अन्य प्रकार की आपात स्थिति, या मानव निर्मित या प्राकृतिक आपदा से संबंधित किसी भी प्रकार की राहत या सहायता प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया था, जिसमें स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण या उन्नयन, अन्य आवश्यक बुनियादी सेवाएं, प्रासंगिक अनुसंधान और धन की व्यवस्था या किसी भी अन्य प्रकार की सहायता करना भी शामिल है.
इस कोष की स्थापना कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ रोकथाम और राहत प्रदान करने के प्रयासों के लिए वित्तीय सहायता या धनराशि प्रदान करने के लिए भी की गई थी.
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